शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

रिश्ता बहुत गहरा हो


            *रिश्ता बहुत गहरा हो या न हो*
                           *लेकिन*
            *भरोसा बहुत गहरा होना चाहिये.*

         *गुरु वही श्रेष्ठ होता है जिसकी प्रेरणा से*
               *किसी का चरित्र बदल जाये*
                               *और..*
                    *मित्र वही श्रेष्ठ होता है*
            *जिसकी संगत से रंगत बदल जाये ।*

                    जय श्री कृष्णा

_रात 12 बजे मनाते हैं जन्मदिन तो हो जाएं सावधान, बुला रहे हैं दुर्भाग्य को

*_रात 12 बजे मनाते हैं जन्मदिन तो हो जाएं सावधान, बुला रहे हैं दुर्भाग्य को_*
एक अजीब सी प्रथा इन दिनों चल पड़ी है वो है ..रात 12 बजे शुभकामनाएं देने और जन्मदिन मनाने की। लेकिन क्या आपको पता है भारतीय शास्त्र इसे गलत मानता है .. आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि वास्तव में ऐसा करने से कितना बड़ा अनिष्ट हो सकता है..
आजकल किसी का बर्थडे हो, शादी की सालगिरह हो या फिर कोई और अवसर क्यों ना हो, रात के बारह बजे केक काटना लेटेस्ट फैशन बन गया है। लोग इस बात को लेकर उत्साहित रहते हैं कि रात को बारह बजे केक काटना है या दोस्तों यारों का जन्मदिन रात के बारह बजे ही सेलिब्रेट करना है। लेकिन वास्तव में अंग्रेजी तिथि अनुसार बर्थडे या एनिवर्सरी मनाना किसी के लिए भी शुभ नहीं है। इसके पीछे कुछ ऐसे कारण है, जिनका सीधा संबंध हमारे शास्त्रों से हैं।
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लोग अपना जन्मदिन 12 बजे यानि निशीथ काल ( प्रेत काल) में मनाते हैं। । निशीथ काल रात्रि को वह समय है जो समान्यत: रात 12 बजे से रात 3 बजे की बीच होता है। आमजन इसे मध्यरात्रि या अर्ध रात्रि काल कहते हैं। शास्त्रनुसार यह समय अदृश्य शक्तियों, भूत व पिशाच का काल होता है। इस समय में यह शक्ति अत्यधिक रूप से प्रबल हो जाती हैं।
हम जहां रहते हैं वहां कई ऐसी शक्तियां होती हैं, जो हमें दिखाई नहीं देतीं किंतु बहुधा हम पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं जिससे हमारा जीवन अस्त-व्यस्त हो उठता है और हम दिशाहीन हो जाते हैं। जन्मदिन की क॔ई कई पार्टीयों में अक्सर मदिरा व मांस का चलन भी होता है और बाकी आम पार्टीयों में ग्रसिठ चटपटे व्यंजनदार भोजन तो होता ही है। ऐसे में प्रेतकाल में केक काटकर, मदिरा व मांस का सेवन करने से या तामसिक व व्यंजनदार भोजन से अदृश्य शक्तियां वहाँ मंडराती है और वे प्रतिकूल असर करती हुई व्यक्ति की आयु व भाग्य में भी कमी करती हैं और दुर्भाग्य उसके द्वार पर दस्तक देता है। साल के कुछ दिनों को छोड़कर जैसे दीपावली, 4 नवरात्रि, जन्माष्टमी व शिवरात्रि पर निशीथ काल महानिशीथ काल बन कर शुभ प्रभाव देता है जबकि अन्य समय में दूषित प्रभाव देता है।
शास्त्रों के अनुसार रात के समय दी गई शुभकामनाएं प्रतिकूल फल देती हैं
हिन्दू शास्त्रों के अनुसार दिन की शुरुआत सूर्योदय के साथ ही होती है और यही समय ऋषि-मुनियों के तप का भी होता है। इसलिए इस काल में वातावरण शुद्ध और नकारात्मकता विहीन होता है। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय होने के बाद ही व्यक्ति को बर्थडे विश करना चाहिए क्योंकि रात के समय वातावरण में रज और तम कणों की मात्रा अत्याधिक होती है और उस समय दी गई बधाई या शुभकामनाएं फलदायी ना होकर प्रतिकूल बन जाती हैं

           जय श्री कृष्णा

गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

*जो “प्राप्त” है वो ही “पर्याप्त” है ।


*जो “प्राप्त” है वो ही “पर्याप्त” है ।**
*इन दो शब्दों में सुख बेहिसाब हैं।।*

*जो इंसान “खुद” के लिये जीता है*
*उसका एक दिन “मरण” होता है।*

*पर जो इंसान”दूसरों”के लिये जीता है।*
*उसका हमेशा “स्मरण” होता है।*

     जय श्री कृष्णा

बुधवार, 6 दिसंबर 2017

न जाने कौनसी

*न जाने कौनसी दौलत है..!*
*कुछ लोगों के लफ़्जों में..!*

*बात करते हैं तो*
*दिल ही खरीद लेते हैं ..!*🌱

जय श्री कृष्णा

अगर किसी परिस्थिति

*अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं है तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये,*
*शब्द उलझा सकते है पर मुस्कुराहट हमेशा काम कर जाती है ।*
*क्योंकि कर्ण ने महाभारत में कहा था कि* *दोस्त दुर्योद्धन मुझे मृत्यु से डर नहीं लगता पर*
*भगवान श्रीकृष्ण की निश्चल मुस्कान मेरे सम्पूर्ण अस्तित्व को अंदर से हिला देती हैं।*।                     
            *🌷जय श्री कृष्णा 🌷*

मंगलवार, 5 दिसंबर 2017

कुछ लोग आये थे

*कुछ लोग आये थे*
                    *मेरा गम बटाने*
*मुझे खुश देखा*,
               *तो नाराज होकर चल दिये*


                  जय श्री कृष्णा

अगर 'समझाने' से भी

               ✍🏻🙏🏻 *मूल्यवान वाणी*🙏🏻

    *अगर 'समझाने' से सभी समझ जाते न साहब*

*तो 'बाँसुरी बजाने वाला' कभी महाभारत न होने देता
✨👏🏻👏🏻👏🏻 
                         जय श्री कृष्णा

जय श्री कृष्णा

जय श्री कृष्णा