जय श्री कृष्णा
बुधवार, 6 दिसंबर 2017
न जाने कौनसी
*न जाने कौनसी दौलत है..!*
*कुछ लोगों के लफ़्जों में..!*
*बात करते हैं तो*
*दिल ही खरीद लेते हैं ..!*🌱
जय श्री कृष्णा
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जय श्री कृष्णा
भूमिरापोऽनलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च । अहङ्कार इतीयं मे भिन्ना प्रकृतिरष्टधा ॥
. मैं ही 'उत्पत्ति', मैं ही 'स्थिति' और मैं ही 'प्रलय' हूँ !!! भूमिरापोऽनलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च । अहङ्कार ...
(शीर्षकहीन)
जय श्री कृष्णा
न जाने कौनसी
*न जाने कौनसी दौलत है..!* *कुछ लोगों के लफ़्जों में..!* *बात करते हैं तो* *दिल ही खरीद लेते हैं ..!*🌱 जय श्री कृष्णा
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