जय श्री कृष्णा
मंगलवार, 5 दिसंबर 2017
अगर 'समझाने' से भी
✍🏻🙏🏻 *मूल्यवान वाणी*🙏🏻
*अगर 'समझाने' से सभी समझ जाते न साहब*
*तो 'बाँसुरी बजाने वाला' कभी महाभारत न होने देता
✨👏🏻👏🏻👏🏻
जय श्री कृष्णा
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जय श्री कृष्णा
भूमिरापोऽनलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च । अहङ्कार इतीयं मे भिन्ना प्रकृतिरष्टधा ॥
. मैं ही 'उत्पत्ति', मैं ही 'स्थिति' और मैं ही 'प्रलय' हूँ !!! भूमिरापोऽनलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च । अहङ्कार ...
(शीर्षकहीन)
जय श्री कृष्णा
न जाने कौनसी
*न जाने कौनसी दौलत है..!* *कुछ लोगों के लफ़्जों में..!* *बात करते हैं तो* *दिल ही खरीद लेते हैं ..!*🌱 जय श्री कृष्णा
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